॥ आरती अहोई माता की ॥
॥ Aarti Ahoi Mata Ki ॥
ज़य अहोई माता ज़य अहोई माता।
तुमको निसदिन ध्यावत हरि विष्णु धाता॥ १ ॥
ब्राहमणी रुद्राणी कमला तू हे है जग दाता।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता॥ २ ॥
माता रूप निरंजन सुख संपत्ती दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता॥ ३ ॥
तू हे है पाताल बसंती तू हे है सुख दाता।
कर्मा प्रभाव प्रकाशक जज्निदधि से त्राता॥ ४ ॥
जिस घर तारो वास वही में गुण आता।
कर ना सके सोई कर ले मन नहीं घबराता॥ ५ ॥
तुम बिन सुख ना होवय पुतरा ना कोई पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता॥ ६ ॥
सुभ गुण सुन्दर युक्ता शियर निदधि जाता।
रतन चतुर्दर्श तौकू कोई नहीं पाता॥ ७ ॥
श्री अहोई मा की आरती जो कोई गाता।
उर् उमंग अत्ती उपजय पाप उत्तर जाता॥ ८ ॥
॥ इति आरती अहोई माता सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
गुरुवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
17 Sep 2026 06:19:29 |
सूर्यास्त |
17 Sep 2026 18:30:13 |
चंद्रोदय |
17 Sep 2026 12:14:55 |
चंद्रस्थ |
17 Sep 2026 22:08:38 |
योग |
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विष्कुम्भ |
16 Sep 2026 12:22:10 से 17 Sep 2026 12:49:11 तक |
प्रीति |
17 Sep 2026 12:49:12 से 18 Sep 2026 13:34:16 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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