॥ आरती श्री कृष्ण जी की ॥
॥ Aarti Shri Krishan Ji Ki ॥
ॐ जय श्री कृष्ण हरे, प्रभु जय श्री कृष्ण हरे ।
भक्तन के दुख टारे पल में दूर करे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी ।
जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
कर कंचन कटि कंचन श्रुति कुंड़ल माला ।
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
दीन सुदामा तारे, दरिद्र दुख टारे ।
जग के फ़ंद छुड़ाए, भव सागर तारे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
हिरण्यकश्यप संहारे नरहरि रुप धरे ।
पाहन से प्रभु प्रगटे जन के बीच पड़े ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
केशी कंस विदारे नर कूबेर तारे ।
दामोदर छवि सुन्दर भगतन रखवारे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
काली नाग नथैया नटवर छवि सोहे ।
फ़न फ़न चढ़त ही नागन, नागन मन मोहे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
राज्य विभिषण थापे सीता शोक हरे ।
द्रुपद सुता पत राखी करुणा लाज भरे ॥
जय जय श्री कृष्ण हरे….
ॐ जय श्री कृष्ण हरे ॥
॥ इति आरती श्रीकृष्ण सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
|
वार |
बुधवार |
नक्षत्र |
|
सूर्यौदय |
17 Jun 2026 05:29:36 |
सूर्यास्त |
17 Jun 2026 19:33:16 |
चंद्रोदय |
17 Jun 2026 07:29:44 |
चंद्रस्थ |
17 Jun 2026 22:06:14 |
योग |
|
ध्रुव |
17 Jun 2026 00:34:29 से 17 Jun 2026 20:50:49 तक |
व्याघात |
17 Jun 2026 20:50:50 से 18 Jun 2026 17:35:08 तक |
शुभ काल |
|
अमृत काल |
|
ब्रह्म मुहूर्त |
|
अशुभ काल |
|
राहू |
|
यम गण्ड |
|
कुलिक |
|
दुर्मुहूर्त |
|
वर्ज्यम् |
|