॥ आरती श्री रामायण जी की ॥
॥ Aarti Shri Ramayan Ji Ki ॥
आरती श्री रामायण जी की
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद बाल्मीक विज्ञानी विशारद।
शुक सनकादि शेष अरु सारद वरनि पवन सुत कीरति निकी॥ १ ॥
आरती श्री रामायण जी की ..
संतन गावत शम्भु भवानी असु घट सम्भव मुनि विज्ञानी।
व्यास आदि कवि पुंज बखानी काकभूसुंडि गरुड़ के हिय की॥ २ ॥
आरती श्री रामायण जी की ….
चारों वेद पूरान अष्टदस छहों होण शास्त्र सब ग्रंथन को रस।
तन मन धन संतन को सर्वस सारा अंश सम्मत सब ही की॥ ३ ॥
आरती श्री रामायण जी की …
कलिमल हरनि विषय रस फीकी सुभग सिंगार मुक्ती जुवती की।
हरनि रोग भव भूरी अमी की तात मात सब विधि तुलसी की ॥ ४ ॥
आरती श्री रामायण जी की ….
॥ इति आरती श्री रामायण सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
सोमवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
26 Jan 2026 07:31:13 |
सूर्यास्त |
26 Jan 2026 17:55:03 |
चंद्रोदय |
26 Jan 2026 11:35:12 |
चंद्रस्थ |
27 Jan 2026 01:45:34 |
योग |
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साध्य |
25 Jan 2026 11:45:34 से 26 Jan 2026 09:11:15 तक |
शुभ |
26 Jan 2026 09:11:16 से 27 Jan 2026 06:19:36 तक |
शुक्ल |
27 Jan 2026 06:19:37 से 28 Jan 2026 03:12:42 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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