॥ आरती श्री श्यामबाबा की ॥
॥ Aarti Shri Shyam Baba Ki ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे , बाबा जय श्री श्याम हरे ।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रुप धरे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे……
रत्न जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुले ।
तन केशरिया बागों, कुण्डल श्रवण पडे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे……
गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे।
खेवत धूप अग्नि पर, दिपक ज्योती जले॥
ॐ जय श्री श्याम हरे……
मोदक खीर चुरमा, सुवरण थाल भरें ।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करें ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे……
झांझ कटोरा और घसियावल, शंख मृंदग धरे।
भक्त आरती गावे, जय जयकार करें ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे……
जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम श्याम उचरें ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे……
श्रीश्याम बिहारीजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत मनोहर स्वामी मनवांछित फल पावें ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे….
ॐ जय श्री श्याम हरे , बाबा जय श्री श्याम हरे ।
निज भक्तों के तुम ने पूर्ण काज करें ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे……
ॐ जय श्री श्याम हरे , बाबा जय श्री श्याम हरे ।
खाटू धाम विराजत , अनुपम रुप धरे ॥
ॐ जय श्री श्याम हरे…
॥ इति आरती श्री श्यामबाबा सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
शुक्रवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
23 Oct 2026 06:43:19 |
सूर्यास्त |
23 Oct 2026 17:46:01 |
चंद्रोदय |
23 Oct 2026 16:00:32 |
चंद्रस्थ |
24 Oct 2026 04:30:40 |
योग |
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ध्रुव |
22 Oct 2026 23:39:21 से 23 Oct 2026 22:08:11 तक |
व्याघात |
23 Oct 2026 22:08:12 से 24 Oct 2026 20:00:54 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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