॥ आरती श्री सूर्य जी ॥
॥ Aarti Shri Surya Ji ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
त्रिभुवन – तिमिर – निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥ १ ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।
दु:खहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी॥ २ ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
सुर – मुनि – भूसुर – वन्दित, विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥ ३ ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
सकल – सुकर्म – प्रसविता, सविता शुभकारी।
विश्व-विलोचन मोचन, भव-बन्धन भारी॥ ४ ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
कमल-समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।
सेवत साहज हरत अति मनसिज-संतापा॥ ५ ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
नेत्र-व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा-हारी।
वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥ ६ ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान-मोह सब, तत्त्वज्ञान दीजै॥ ७ ॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।
॥ इति आरती श्री सूर्य जी सम्पूर्णम ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
रविवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
02 Aug 2026 05:51:12 |
सूर्यास्त |
02 Aug 2026 19:22:02 |
चंद्रोदय |
02 Aug 2026 21:29:39 |
चंद्रस्थ |
03 Aug 2026 10:05:15 |
योग |
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अतिगण्ड |
01 Aug 2026 23:22:33 से 02 Aug 2026 22:29:24 तक |
सुकर्मा |
02 Aug 2026 22:29:25 से 03 Aug 2026 21:13:12 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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