॥ श्री चन्द्र स्तोत्र ॥
॥ Shri Chandra Stotra ॥
॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥
श्वेताम्बर: श्वेतवपु: किरीटी,
श्वेतद्युतिर्दण्डधरो द्विबाहु: ।
चन्द्रो मृतात्मा वरद: शशांक:,
श्रेयांसि मह्यं प्रददातु देव: ॥ १ ॥
दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम ।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम ॥ २ ॥
क्षीरसिन्धुसमुत्पन्नो रोहिणी सहित: प्रभु: ।
हरस्य मुकुटावास: बालचन्द्र नमोsस्तु ते ॥ ३ ॥
सुधायया यत्किरणा: पोषयन्त्योषधीवनम ।
सर्वान्नरसहेतुं तं नमामि सिन्धुनन्दनम ॥ ४ ॥
राकेशं तारकेशं च रोहिणीप्रियसुन्दरम ।
ध्यायतां सर्वदोषघ्नं नमामीन्दुं मुहुर्मुहु: ॥ ५ ॥
॥ इति श्री चन्द्र स्तोत्रम सम्पूर्णम् ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
|
वार |
बुधवार |
नक्षत्र |
|
सूर्यौदय |
17 Jun 2026 05:29:36 |
सूर्यास्त |
17 Jun 2026 19:33:16 |
चंद्रोदय |
17 Jun 2026 07:29:44 |
चंद्रस्थ |
17 Jun 2026 22:06:14 |
योग |
|
ध्रुव |
17 Jun 2026 00:34:29 से 17 Jun 2026 20:50:49 तक |
व्याघात |
17 Jun 2026 20:50:50 से 18 Jun 2026 17:35:08 तक |
शुभ काल |
|
अमृत काल |
|
ब्रह्म मुहूर्त |
|
अशुभ काल |
|
राहू |
|
यम गण्ड |
|
कुलिक |
|
दुर्मुहूर्त |
|
वर्ज्यम् |
|