॥ श्री चन्द्र स्तोत्र ॥
॥ Shri Chandra Stotra ॥
॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥
श्वेताम्बर: श्वेतवपु: किरीटी,
श्वेतद्युतिर्दण्डधरो द्विबाहु: ।
चन्द्रो मृतात्मा वरद: शशांक:,
श्रेयांसि मह्यं प्रददातु देव: ॥ १ ॥
दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम ।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम ॥ २ ॥
क्षीरसिन्धुसमुत्पन्नो रोहिणी सहित: प्रभु: ।
हरस्य मुकुटावास: बालचन्द्र नमोsस्तु ते ॥ ३ ॥
सुधायया यत्किरणा: पोषयन्त्योषधीवनम ।
सर्वान्नरसहेतुं तं नमामि सिन्धुनन्दनम ॥ ४ ॥
राकेशं तारकेशं च रोहिणीप्रियसुन्दरम ।
ध्यायतां सर्वदोषघ्नं नमामीन्दुं मुहुर्मुहु: ॥ ५ ॥
॥ इति श्री चन्द्र स्तोत्रम सम्पूर्णम् ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
शुक्रवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
13 Mar 2026 06:47:27 |
सूर्यास्त |
13 Mar 2026 18:33:01 |
चंद्रोदय |
13 Mar 2026 03:03:30 |
चंद्रस्थ |
13 Mar 2026 12:54:36 |
योग |
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व्यातीपात |
12 Mar 2026 09:58:24 से 13 Mar 2026 10:31:17 तक |
वरीयान |
13 Mar 2026 10:31:18 से 14 Mar 2026 10:42:17 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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