॥ श्री शिव पञ्चाक्षर मन्त्र स्तोत्र ॥
॥ Shri Shiv Panchakshra Mantra Stotra ॥
॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥
॥ दारिद्र्यदुह्ख-दहनाय नमः शिवाय ॥
शिवपंचाक्षरस्तोत्र
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय ॥ १॥
मन्दाकिनि-सलिलचन्दन-चर्चिताय नन्दीश्वर-प्रमथनाथ- महेश्वराय ।
मन्दारपुष्प-बहुपुष्प-सुपूजिताय तस्मै मकाराय नमः शिवाय ॥ २॥
शिवाय गौरीवदनाब्ज-वृन्द-सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजायतस्मै शिकाराय नमः शिवाय ॥ ३॥
वसिष्ठ-कुम्भोद्भव-गौतमार्यमुनीन्द्र-देवार्चितशेखराय ।
चन्द्रार्क-वैश्वानरलोचनाय तस्मै वकाराय नमः शिवाय ॥ ४॥
यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय ।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै यकाराय नमः शिवाय ॥ ५॥
पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥
॥ इति श्री शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रं समाप्तं ॥
स्थान |
अमृतसर, पंजाब, भारत |
तिथि |
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वार |
गुरुवार |
नक्षत्र |
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सूर्यौदय |
17 Sep 2026 06:19:29 |
सूर्यास्त |
17 Sep 2026 18:30:13 |
चंद्रोदय |
17 Sep 2026 12:14:55 |
चंद्रस्थ |
17 Sep 2026 22:08:38 |
योग |
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विष्कुम्भ |
16 Sep 2026 12:22:10 से 17 Sep 2026 12:49:11 तक |
प्रीति |
17 Sep 2026 12:49:12 से 18 Sep 2026 13:34:16 तक |
शुभ काल |
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अभिजीत मुहूर्त |
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अमृत काल |
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ब्रह्म मुहूर्त |
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अशुभ काल |
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राहू |
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यम गण्ड |
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कुलिक |
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दुर्मुहूर्त |
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वर्ज्यम् |
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